ताज़ा ख़बरेंमध्यप्रदेश

शारदा समूह का अनूठा प्रयास – बिना परीक्षक की परीक्षा से छात्रों में बढ़ रहा आत्मविश्वास और चरित्र निर्माण

रिपोर्टर= भव्य जैन

झाबुआ।

कहते हैं विद्यालय में देश का भविष्य निर्माण होता है, क्योंकि विद्यार्थी जीवन में प्राप्त संस्कार उसके पूरे जीवन में परिलक्षित होते हैं। शिक्षा और शिक्षक हमारे देश में सदैव सर्वोच्च सम्मानित रहे हैं, सनातन संस्कृति में तो गुरु को ईश्वर के समान माना गया है।

 

इन्हीं मूल्यों के संरक्षण के लिए शारदा समूह विगत 35 वर्षों से विद्यार्थियों में संस्कारों के बीजारोपण हेतु प्रयासरत है। समूह संचालक ओम शर्मा ने जानकारी दी कि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के सहयोग से संस्था ने शिक्षा व्यवस्था में कई नवाचार किए हैं। न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों की एकाग्रता और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए कक्षाओं की शुरुआत “ॐ” के उच्चारण से करने का प्रयोग किया गया, जिससे सकारात्मक परिणाम सामने आए।

 

इसी क्रम में संस्था ने एक और अनूठा प्रयोग शुरू किया – ‘परीक्षक विहीन परीक्षा’। वर्ष 2012 से शारदा समूह की संस्थाओं में वर्ष में चार बार होने वाली परीक्षाओं में एक दिन एक कक्षा को बिना परीक्षक परीक्षा देने के लिए चुना जाता है। इस प्रयोग का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मनियंत्रण, ईमानदारी और शिक्षक पर विश्वास को सुदृढ़ करना है।

 

संस्था प्राचार्य शालू जैन ने बताया कि यह पहल छात्रों में आत्मविश्वास के साथ-साथ चरित्र निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो रही है। छात्रा चाहत रूनवाल और हर्ष विश्वकर्मा ने कहा कि शुरुआत में लगा था कि बिना परीक्षक के पेपर आसान होगा, लेकिन जब डायरेक्टर ओम शर्मा ने समझाया कि यह केवल विषय की नहीं बल्कि चरित्र की परीक्षा है, तब से सभी छात्र पूरे आत्मविश्वास और ईमानदारी के साथ इसमें भाग ले रहे हैं।

 

अभिभावक अजय रूनवाल ने कहा कि आज के समय में जब विश्वास व्यक्ति से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे पर हो गया है, ऐसे में यह प्रयोग विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और आत्मसंयम को बढ़ाने में सार्थक है। वहीं छात्रा रिषिका ने इसे गर्व का विषय बताया।

 

संस्था वर्ष में चार बार आयोजित होने वाली परीक्षाओं में पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित कर इस अनूठी परंपरा से अवगत कराती है।

 

👉 शारदा समूह की यह पहल शिक्षा का मूल ध्येय – चरित्रवान नागरिक का निर्माण – साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बन गई है।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!